बुध की महादशा का अर्थ
बुध की महादशा 17 वर्ष चलती है। बुध बुद्धि, वाणी, संवाद, व्यापार, शिक्षा और विश्लेषण का कारक है।
यह प्रायः व्यस्त और मानसिक रूप से सक्रिय अवधि होती है, जिसमें कई काम एक साथ चलते हैं। पढ़ने, लिखने, बातचीत करने और हिसाब साफ़ रखने वालों को इसका लाभ मिलता है।
- अवधि
- 17 वर्ष
- दिन
- बुधवार
- मूलांक
- 5
- स्वामी राशि
- मिथुन और कन्या
- उच्च राशि
- कन्या
- नीच राशि
- मीन
- जन्म नक्षत्र
- आश्लेषा, ज्येष्ठा, रेवती
यह अवधि प्रायः क्या लाती है
- काम और व्यापार
- व्यापार, लेखा, लेखन, शिक्षण, मीडिया, सॉफ़्टवेयर और परामर्श के क्षेत्र परंपरा से अनुकूल माने जाते हैं।
- शिक्षा
- नए कौशल, परीक्षा और प्रमाणपत्रों के लिए अच्छा समय। जिज्ञासा ही इसकी शक्ति है।
- संवाद
- आपके शब्दों का वज़न बढ़ जाता है, इसलिए अनुबंध, संदेश और वादों में अतिरिक्त सावधानी रखें।
- धन
- आय प्रायः एक बड़े लाभ से नहीं, कौशल और कई स्रोतों से आती है। साफ़ हिसाब बहुत सहायक है।
- आंतरिक जीवन
- बुधवार के नियम, गणेश उपासना और गाय को हरा चारा खिलाना इसके पारंपरिक उपाय हैं।
क्या सहायक है
- रोज़ अपने लक्ष्य लिखना
- हिसाब-किताब साफ़ रखना
- पढ़ना और नियमित अध्ययन
किन बातों से सावधान रहें
- छोटी बातों में भी झूठ और धोखा
- बिखरा ध्यान और ज़रूरत से ज़्यादा ज़िम्मेदारियाँ
- बेचैनी और ज़्यादा सोचना
बुध की महादशा की नौ अंतर्दशाएँ
हर अंतर्दशा 17 वर्ष की इस अवधि को अपना रंग देती है। क्रम बुध से शुरू होकर तय विंशोत्तरी क्रम में चलता है। अवधि शास्त्रीय 360 दिन के वर्ष से दी गई है, इसलिए आपकी व्यक्तिगत तिथियों में कुछ दिनों का अंतर हो सकता है।
| अंतर्दशा | अवधि | मुख्य विषय | मंत्र प्लेलिस्ट |
|---|---|---|---|
| 2 वर्ष 4 माह 27 दिन | शिक्षा, संवाद और व्यापार | सुनें | |
| 11 माह 27 दिन | वैराग्य, अंतर्दृष्टि और त्याग | सुनें | |
| 2 वर्ष 10 माह | प्रेम, सुख-सुविधा और कला | सुनें | |
| 10 माह 6 दिन | अधिकार, मान-सम्मान और आत्मविश्वास | सुनें | |
| 1 वर्ष 5 माह | भावनाएँ, घर और मन की शांति | सुनें | |
| 11 माह 27 दिन | साहस, पराक्रम और तेज़ कार्य | सुनें | |
| 2 वर्ष 6 माह 18 दिन | महत्वाकांक्षा, नए रास्ते और अचानक बदलाव | सुनें | |
| 2 वर्ष 3 माह 6 दिन | ज्ञान, उन्नति और सही मार्गदर्शन | सुनें | |
| 2 वर्ष 8 माह 9 दिन | अनुशासन, कर्तव्य और धैर्यपूर्ण परिश्रम | सुनें |
इस अवधि की साधना
जटिल अनुष्ठान से अधिक सरल और नियमित साधना महत्वपूर्ण है। वही चुनें जो आप निभा सकें।
ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः
Om Braam Breem Braum Sah Budhaya Namahपारंपरिक उपाय
- बुधवार को गाय को हरा चारा खिलाएँ
- रोज़ अपने लक्ष्य लिखें
- हिसाब-किताब साफ़ रखें
इनसे बचें
- झूठ
- धोखा
रिपोर्ट की मंत्र प्लेलिस्ट के लिए 1–2–4 नियम अपनाएँ: एक बार पूरे ध्यान से जाप करें, या दो बार ध्यान से सुनें, या घर में चार बार चलाएँ।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बुध की महादशा कितने समय चलती है?
17 वर्ष, यानी 120 वर्ष के विंशोत्तरी चक्र का लगभग 14%। यदि आपका जन्म इसी दशा में हुआ है, तो आपको जन्म के समय बचा हुआ शेष भाग ही मिलता है।
क्या बुध की महादशा अच्छी है या बुरी?
बुध जिन ग्रहों के साथ होता है उनका स्वभाव ग्रहण करता है, इसलिए परिणाम बहुत हद तक जन्म कुंडली पर निर्भर हैं। अच्छी स्थिति में यह शिक्षा, व्यापार और संवाद के लिए प्रायः उत्तम अवधि होती है। कमज़ोर होने पर चुनौती आमतौर पर अनिर्णय या अधूरी योजनाओं की होती है।
जीवन की शुरुआत बुध की महादशा से किसकी होती है?
पहली महादशा जन्म के समय चंद्रमा के नक्षत्र से तय होती है। जिनका चंद्रमा आश्लेषा, ज्येष्ठा या रेवती नक्षत्र में हो, उनका जीवन बुध की महादशा से शुरू होता है।
बुध की महादशा में अंतर्दशाओं का क्रम क्या है?
पहली अंतर्दशा बुध की ही होती है, फिर क्रम इस प्रकार चलता है: केतु, शुक्र, सूर्य, चंद्र, मंगल, राहु, गुरु, शनि।
यह पृष्ठ चिंतन और आध्यात्मिक साधना के लिए पारंपरिक वैदिक ज्योतिष का वर्णन करता है। यह चिकित्सा, कानूनी, वित्तीय या पेशेवर सलाह नहीं है।
